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चुटकुले पेज 3

(1) नेताजी - 'मुझे वोट दीजिए। मैं आपके गावं को जन्नत बना दूंगा। '
     श्रोता - 'मगर साहब ,हमें तो अभी जिंदा रहना है। '

(2 ) स्टेशन पर गाड़ी खड़ी होते ही मनोहर लाल जी अपना सामान उतारने लगे ,तभी किसी ने उनकी जेब काट ली। मनोहर लाल जी हड़बड़ाए ,अटैची लेकर उतरे और अपने सहयात्री से बोले - 'शहर अब शरीफों का नहीं रह गया है ,भाई साहब। '
    'आप ठीक कहते है। सहयात्री बोला -'पर आप जो अटैची थामे हुए है ,.वह मेरी है। '

(3) एक महिला कार चलाना सीख रही थी ,अपने पति से बोली -'देखिए ,कार का शीशा ठीक से नहीं लगा हुआ है। '
'क्या गड़बड़ है ?' पति ने पूछा।
'इसमें से पीछे से आ रहा ट्रैफिक ही देख पाती हूँ। अपना चेहरा तो देख ही नहीं पति हूँ।

(4 ) पत्नी  पति से चिढ़कर बोला - 'जब देखो,हमेशा जेब में शराब की बोतल रखे रहते हो। '
      पति -;तू क्या चाहती है कि हर समय मुँह से लगाए रखा करूँ। '

(5 ) शादी के सात साल बाद पति -पत्नी का आपस में किसी बात पर झगड़ा हो गया। पति बोला -'शादी के पहले साल में तो तुम चन्द्रमुखी लगती थीं ,दूसरे साल सूरजमुखी लेकिन तीसरे साल से तुम ज्वालामुखी नजर आ रही हो। '
पत्नी बोली -'मेरा भी आपसे यही विचार है। पहले सात साल में। तो आप प्राणनाथ थे ,दूसरे साल नाथ मगर तीसरे साल अनाथ नजर आ रहे है।

(6 ) पुलिस अफसर ने एक अभियुक्त से पूछा -'क्या तुम पढ़ -लिख सकते हो ?'
      अभियुक्त ने उत्तर दिया -'हुजूर ,लिख सकता हूँ पर पढ़ नहीं सकता। '
'अच्छा !कागज पर अपना नाम लिखो। 'पुलिस अफसर ने कहा।
     अभियुक्त ने कागज उठा कर टेढ़ी -मेढ़ी लकीरें खींच दी और कागज वापस कर दिया।
  'यह तुमने क्या लिखा है ?'झुंझलाकर पुलिस अफसर ने कहा। 'साहब ,मैंने पहले ही कह दिया की मैं लिख सकता हूँ ,पढ़ नहीं सकता। 'अभियुक्त ने उत्तर दिया।

(7 ) 'शादी से पहले लोग क्या करते हैं ?'
      'भविष्य के बारे में सोचकर खुश होते हैं। '
     'और शादी  के बाद ?'
    'अतीत को याद करते रोते हैं। '

(8 ) मालिक  - 'हमें नौकर की जरुरत तो है ,लेकिन हम ऐसा नौकर चाहते हैं जो कंजूस हो।
     नौकर - 'कंजूसी के कारण ही तो मैं पिछली जगह से निकाल दिया गया। '
     मालिक -'वह कैसे ?'
    नौकर -'दरसअल ,मैं गंदे हो जाने के डर से अपने कपड़ो को न पहन कर मालिक के कपड़े ही पहन लिया करता था। '

(9 ) एक दोस्त (दूसरे दोस्त से )-'शादी के बाद क्या  होता है ?'
        दूसरा दोस्त - 'पहले साल में आदमी बोलता है और औरत सुनती है।
      दूसरे साल में औरत बोलती  बोलती है और आदमी सुनता है। और तीसरे साल में दोनों बोलते है और पड़ोसी सुनते हैं। '

(10 ) कैलाश अपने ऊपर से मक्खियां उड़ाते हुए वेटर से बोला -'तुम्हारे होटल मक्खियां बहुत हैं।
        वेटर -'क्या करू साहब ,जहां गंदगी देखती हैं ,बैठ ही जाती है। '

(11 ) एक नए कलाकार ने नाटक के निर्देशक से पूछा -'मुझे पागल का अभिनय करने के लिए क्या करना होगा ?'
निर्देशक महोदय ने चुटकी ली -'भैये ,कुछ नहीं। जैसा दिख रहे हो ,एकदम ठीक हो। '

(12 ) यात्री ( अखबार पढ़ते - पढ़ते) 'अरे भाई कुली ,मुझे उस डिब्बे में बिठाना ,जहाँ  बाते करने वाला कोई न हो ,ताकि मैं अखबार पढ़ सकूं। '
कुली (बाबू जी )'आप चिन्ता न करें ,मैं आपको माल गाड़ी के डिब्बे में बिठाऊंगा।

(13 ) एक प्रदर्शनी के प्रवेश द्वार पर 'प्रवेश निःशुल्क ' लिखा था। पढ़कर बहुत से लोग अंदर घुस गए। वापस जाते समय सबसे पैसे लिए जाने लगे तो लोगों ने कहा कि आपने तो द्वार पर प्रवेश निःशुल्क लिख रखा है ,फिर पैसे किस बात के ?
उत्तर मिला -'ठीक है ,प्रवेश निःशुल्क है परन्तु बाहर जाना निःशुल्क नहीं है। '

(14 ) पिता -'तुम कैसे सिद्ध करोगे की साग -पात खाने वाले की निगाह तेज होती है। '
पुत्र -'वाह पिताजी ,आज तक किसी ने बकरे या घोड़े को चश्मा लगाते देखा है क्या ?'

(15 ) ज्योतिषी (गीता से )-'अच्छा तो आप अपने प्रेमी का भविष्य जानना चाहती हैं ?'
गीता -'जी नहीं ,उसका भविष्य तो मेरे हाथ में है। आप उसके अतीत के बारे में बताइए। '

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