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Tuesday, August 28, 2018

SC ST OBC के लिए इस पोस्ट में बहुत अहम जानकारी है - ONLINE INDIA NOW

SC ST OBC के लिए इस पोस्ट में बहुत अहम जानकारी है
SC ST OBC के लिए इस पोस्ट में बहुत अहम जानकारी है SC ST OBC PHOTO - ONLINE INDIA NOW
SC ST OBC -PHOTO

*रिजर्व केटेगरी के बाद ओपन केटेगरी होती है, जनरल नही!*
भारतीय संविधान में लिखे India शब्द का अनुवाद मनुवादी लोग  "हिंदुस्तान" करते है। किन्तु संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर ने हमे आगाह किया है, कि India का अर्थ "भारत" होगा, हिंदुस्तान नही। इसलिये हमें अपने देश को हिंदुस्तान नही बल्कि भारत ही बोलना चाहिए। 
इसी प्रकार आरक्षण के संदर्भ में मनुवादी लोग एक शब्द प्रयोग करते है, *"जनरल कटेगरी"* जो कि बहुत ही गलत है। इसको हमे *'ओपेन कटेगरी'* शब्द प्रयोग करना चाहिए। यदि 22.5% रिजर्वेशन एस0सी0 और एस0टी0 के लिए है और 27% रिजर्वेशन ओबीसी के लिए है तो बाकी
जो *50.50% बचता है, वह ओपेन कटेगरी में आता है, न कि जनरल कास्ट(15% लोगो) के लिए रिजर्व है।* भारतीय संविधान के अनुसार रिजर्वेशन एस0सी0 के लिए है,एस0टी0 के लिए है और ओबीसी के लिए है। *जनरल कास्ट के लिए कोई भी रिजर्वेशन नही है।* इस रिजर्वेशन के बाद जो 50.50% की वैकेंसी बचती है, वह ओपेन कटेगरी में आती है। उसमें एस0सी0 को भी हिस्सा मिल सकता है, एस0टी0 को भी मिल सकता है और ओबीसी को भी मिल सकता है। 
लेकिन उल्टा हो रहा है, जनरल केटेगरी वाले 50.5% आरक्षण ले रहे है और 85% ,बहुजनो को मिलने वाले 49.5% आरक्षण को छीनने में लगे हुए है।
अभी तो सरकार ने 15%  सामान्य को 50.5% आरक्षण देकर सिद्ध कर दिया है की सरकार sc, st, obc का आरक्षण को खत्म करना चाहती हैं। अभी नीट और इंजीनियरिंग में ओपन केटेगरी में बहुजनो की एंट्री बंद कर दी है। जो की सविधान के विरुद्ध है।

 हमे हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। अभी जो उत्तरप्रदेश में आरक्षण का मामला है, उसमे परीक्षा के तीन मेथड लागू थे। पहला प्री परीक्षा, दूसरा मेंन परीक्षा और तीसरा इंटरव्यू होता है। इसमें इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि रिजर्वेशन के बाद जो 50.50% सीटें बचती है तो जो एस0सी0, एस0टी0 और ओबीसी के बच्चे जो रिजर्व केटेगरी की कट ऑफ लिस्ट से ज्यादा नम्बर लाते है, उनको ओपेन कटेगरी में रखना चाहिए। *ओपेन केटेगरी को जनरल कटेगरी कहकर स्वर्णो के लिए रिजर्व नही बनाना चाहिए।* ये हमारे समाज के पढ़े लिखे लोगो मे भी गलतफहमी है। हमारे समाज के वकीलो में भी गलतफहमी है और हमारे समाज के बुद्धिजीवी वर्ग में भी यह गलतफहमी है कि *हम उसको 'ओपेन कटेगरी' कहने के बजाय 'जनरल कटेगरी' मानते है। इसका मतलब है कि ये जनरल कास्ट के लिए रिजर्व है।* जबकि ऐसा नही होना चाहिए।
शातिर लोग कैसे शब्दों के हेर फेर से लोगों को ठग रहे है।
न्यायालय में भी कोई सुनवाई नहीं।
एक हक वोट का मिला था वोह भी evm मशीन को हैक करके छीन लिया है।

हमे किसी से बात करते समय या बोलते समय, यह ध्यान में रखना चाहिए कि हमे जनरल कटेगरी कहने के बजाय 'ओपन कटेगरी' कहना चाहिए। इस ओपन कटेगरी में सभी का हिस्सा होता है। चाहे वह एस0सी0 का हो, चाहे एस0टी0 का हो, चाहे वह ओबीसी का हो या सामान्य  हो। 
लेकिन ओछों की सरकार और अफसरशाही ने sc, st, obc में सबको ओपन केटेगरी से बाहिर निकाल दिया है। अभी ओपन केटेगरी में सिर्फ जनरल कैटेगोरी अर्थात सामान्य जो की 15% की आबादी है को सीधे यानि कि घुमाकर 50.5% आरक्षण या कह लो हिस्सा दे दिया है।
जबकि सुप्रीम कोर्ट कहती है की यह हिस्सेदारी 50% से ज्यादा न हो।
*जागते भी रहो और जगाते भी रहो!*
अपने हक के लिए संघर्ष करो।
आखिरी सांस तक
 जय sc st OBC

जय भीम जय भारत जय मूलनिवासी।जागो मूलनिवासियों जागो ।

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