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Thursday, August 23, 2018

भूत क्या होते है ??? भूत एक दिमागी उपज है- ONLINE INDIA NOW

* भूत क्या होते है...??? 
 तो मेरा बस यही जबाब है...।।।
BHUT KYA HOTE HAI-भूत क्या होते है ??? भूत एक दिमागी उपज है- ONLINE INDIA NOW
BHUT KYA HOTE HAI

#भूत एक दिमागी उपज है, जिसके शिकार कमजोर दिल वाले होते हैं। #भूत_प्रेत से जुड़ी घटनाएं बचपन से सुनने के कारण हमारे मस्तिष्क के एक भाग में अंकित हो जाता है। अकेलापन या ऐसी हालत में तंत्रिका क्रियाशील हो जाता है, यह क्रिया ठीक स्वप्न जैसी होती है, तब किसी मृत आदमी का चित्र हमारी आंखों के सामने उभरने लगता है, दूसरे शब्दों में मनोविज्ञान के विभ्रम के कारण इसे भूत रूपी प्रतिबिंब के साथ बोलना, सुनना या किसी प्रकार का कल्पना साकार रूप में दिखाई पड़ता है, जोकि अपने ही दिमाग की उपज है तथा एक प्रकार का #धोखा है।

       जब किसी आदमी को यह अफवाह मालूम रहता है की अमुक स्थान में #भूत रहता है, तब उस जगह से गुजरने पर उसके दिमाग में बार-बार आने लगता है यहां उसका तंत्रिका तंत्र कमजोर पड़ जाता है वह #भूत के बारे में सोचने लगता है। आदमी का शरीर भय से रोमांचित हो उड़ता है और तंत्रिका तंत्र काम करना शुरू कर देता है, नतीजतन वह अपनी आंखों के सामने ठीक उसी तरह का प्रतिबिंब देखता है जो उसके दिमाग में मौजूद 

रहता है। प्रतिबिंब देखकर बार बार वह सोचता है कि वह भूत उसे मार डालेगा तब वह आदमी अपनी रक्षा के लिए नाखूनों से अपनी ही त्वचा को नोज डालता है और बेहोश हो जाता है। लोग उसे सोचते हैं कि #भूत ने उसे नोच डाला। कमजोर दिल वाले मर भी जाते हैं लोग समझते हैं कि #भूत ने उसे मार डाला।

     कई बार ऐसा सुना जाता है कि दो आदमी साथ थे, इसमें एक को #भूत दिखा दूसरे को नहीं, इसका कारण यह है कि #भूत ना देखने वाले का तंत्रिका तंत्र कमजोर नहीं पड़ा।

      लोग मानते हैं कि सूर्य के प्रकाश, आग की लपटों से #भूत का विनाश हो जाता है, चुँकी  भूत एक काल्पनिक प्रतिबिंब से ज्यादा कुछ नहीं है, इसलिए सूर्य के प्रकाश से प्रतिबिंब या छाया का समाप्त हो जाना तर्कपूर्ण बात है।

         ऐसा माना जाता है कि #भूत प्रेत की शिकार जवान महिला लड़की ज्यादा होती है। यौन इच्छा को दबाने या यौन संतुष्टि ना होने के कारण जवान महिलाओं को #हिस्टीरिया नामक बीमारी होती है, जिसमें उन्हें चक्कर आना, बेहोश पड़ जाना, बहकी बहकी बातें करना आदि है। लोग इसे भूत पकड़ लिया है, सोचते हैं। जब झाड़-फूंक वाले ढोंगी बाबा उस महिला के साथ झाड़-फूंक के बहाने शारीरिक संबंध बनाकर उसे यौन संतुष्टि देते हैं, तब वह ठीक हो जाती है, तथा लोग समझते हैं कि बाबा ने भूत को भगा दिया है। इस तरह से बाबा लोगों को तन धन से खूब लूटता है।

        कुल मिला कर #भूत अपने दिमाग से उपजी कमजोरी है इसे मानसिक स्थिति द्वारा विभ्रम का शिकार होना भी कहा जा सकता है। इसलिए भूत की डरावनी, शैतानी चेहरे से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भूत का कोई वजूद ही नहीं है। जब #भूत का वजूद ही नहीं है तो उससे नुकसान का सवाल ही पैदा नहीं होता है..।।

         

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